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Budget 2019: मोदी सरकार के पांच साल पूरे होने वाले हैं, कहां तक पहुंचा डिजिटल इंडिया

Budget 2019: मोदी सरकार के पांच साल पूरे होने वाले हैं, कहां तक पहुंचा डिजिटल इंडिया


सरकार लगातार Digital India की उपलब्धी गिनाती है. मोदी सरकार के पांच साल पूरे होने को हैं. ऐसे में ये जानना दिलचस्प होगा कि अब तक कहां पहुंचा Digital India ?
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1 जुलाई, 2015 को  PM नरेंद्र मोदी ने Digital india लॉन्च किया था. इसके कई मकसद हैं. इनमें से मुख्य, ग्रामीण इलाकों को High Speed Internet नेटवर्क से connect करना और Digital  लिटरेसी को बेहतर करना है. पांच साल होने को हैं. अब तक Digital india का Responce क्या है?


ग्रामीण इलाकों में Interneteकनेक्टिविटी कहने को तो पहुंच रही है, लेकिन इसे इस्तेमाल कैसे किया जाए ये साफ नहीं है. कई ग्रामीण इलाकों का हाल ये है कि वहां फाइबर पहुंचा दिए गए हैं.Computers भी उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन अब आगे क्या किया जाएगा, अब तक कुछ नहीं दिखता है.

Wifi कनेक्टिविटी लगाने का भी Project चालू है, लेकिन Users को इससे कितना लाभ मिल रहा है इसका ऐस्सेमेंट अभी होना बाकी है. झारखंड के कई ऐसे ग्रामीण इलाके हैं जहां optical fiber पहुंचा दिए गए हैं. इक्विप्मेंट्स भी उपलब्ध हैं, लेकिन Internet use कैसे  करना है ये मुखिया को ही पता नहीं है. उन्हें ये पता है कि Internet आ रहा है ताकि लोगों को योजना के बारे में बताया जा सके.

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राष्ट्रपति राममाथ कोविंद ने Budget  से पूर्व अपने अभिभाषण में Digital india का जिक्र किया है. राष्ट्रपति ने डिजिटल इंडिया की उपलब्धि गिनाई है. उन्होंने कहा है कि 2014 में देश में सिर्फ 59 ग्राम पंचायतों तक ही Digital  कनेक्टिविटी पहुंच पाई थी. आज 1 लाख 16 हजार ग्राम पंचायतों को optical fiber से जोड़ दिया गया है और लगभग 40 हजार ग्राम पंचायतों में Wifi Hotspot लगाए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि ग्रामीण इलाकों में service पहुंचाने के लिए comon service centers तेजी से बने हैं. इन केंद्रों में banking से लेकर बीमा और पेंशन से लेकर scholarship जैसी सुविधाएं online उपलब्ध कराई जा रही हैं.

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राष्ट्रपति के मुताबिक 2014 में देश में सिर्फ 84 हजार comon service center थे, लेकिन अब ये तेजी से बढ़ें हैं और ये तीन लाख से ज्यादा हो गए हैं. उन्होंने data सस्ते होने पह कहा है कि अब लोगों को कम दर पर ज्यादा डेटा मिल रहा है. 2014 में जहां 1 Gb Deta की कीमत लगभग 250 रुपये होती थी अब वो घटकर 10-12 रुपये हो गई है. इसी तरह लोगों को Mobile पर बात करने में ज्यादा पैसे खर्च होते थे वो अब आधे से भी कम हो गए हैं.

जुलाई 2018 में PM Modi ने कहा कि Digital india  इनिशिएटिव से देश में 3 लाख Jobs बने हैं और सिटिजन जागरूक हुए हैं. PM ने कहा है कि 3 लाख comon service center का Network redyकिया गया है जिन्हें Digital  service डिलिवरी का ऐक्सेस प्वॉइंट के तौर पर use किया जाता है.  Digital india के बारे में पीएम मोदी का कहना है कि डिजिटल Impowerment का हर ऐस्पेक्ट काम कर रहा है. इनमें गांवों में फाइबर ऑप्टिक्स बिछाने से लेकर डिजिटल लिटरेसी तक शामिल है.

Mobile phone users में तेजी से ग्रोथ देखने को मिली है. केंद्रिय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक Tweet किया था. इसके मुताबिक जून 2014 में भारत में 90 करोड़ Mobile phone users  थे जो मार्च 2018 में बढ़ कर 121 करोड़ हो गए हैं.

आधार की बात करें तो ये भी तेजी से बढ़ा है और अब काफी लोगों ने अपना Aadhar card बनवा लिया है. 31 मार्च 2018 तक 120.7 करोड़ आधर एनरॉलमेंट हुए है. जबकि मई 2014 में ये आंकड़ा 63.22 करोड़ ही था.

मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी के.जे अलफॉन्स ने लोकसभा को दिए एक लिखित जवाब में कहा है कि 15 फरवरी 2018 तक देश में 89.2 फीसदी लोगों को Aadhar card इश्यू कर दिए गए हैं.

Digital   साक्षरता अभियान (DISHA) की बात करें तो इसका मकसद 2020 तक हर Femily में से कम से कम किसी एक को Digital   साक्षर बनाना है. 2 लाख 50 हजार ग्राम पंचायत को wifi से जोड़ना और Brodband मुहैय्या कराना है

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